CBI Ection : छुट्टी के दिन भी 10- 10 हजार की रिसवत लेकर अपनी जेब गरम कर रहे थे दो अधिकारियो को सीबीआई ने पकड़ा

दूसरा मामला रक्षा लेखा नियंत्रक दफ्तर ने सीबीआई ने छापेमारी की है।जिसमे दो दिन की कारवाही के बीच सीडीए के ऑडिटर को अखिलेश यादव के खिलाफ रिसवत खोरी का मामला दर्ज़ किया गया है।

  • लेखपाल के रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज
  • ऑडिटर ने की 10,000 रिसवत की माग
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा

CBI Ection : सीबीआई ने दो बड़ी कार्यवाही की है जिसमे यूपी के मामले सामने आए है।एक मामला हापुड़ में  जिला मुख्यालय से दस हजार की रिश्वत लेते चकबंदी विभाग के लेखपाल को रंगे हाथ पकड़ा गया है। दूसरा मामला रक्षा लेखा नियंत्रक दफ्तर ने सीबीआई ने छापेमारी की है।जिसमे दो दिन की कारवाही के बीच सीडीए के ऑडिटर को अखिलेश यादव के खिलाफ रिसवत खोरी का मामला दर्ज़ किया गया है।

लेखपाल के रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज

बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर काकौड़ी निवासी युवक ने एंटी करप्शन से लेखपाल के रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज की थी।लेखपाल के खिलाफ थाना हापुड़ देहात मुकदमा दर्ज किया गया।लेखपाल की गिरफ्तारी के बाद उसने तबीयत बिगड़ने का हवाला दिया। जिसके बाद उसे सीएचसी ले जाया गया। जहां चिकित्सक ने उसके स्वास्थ्य की जांच की। जांच कराने के बाद टीम ने लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया गया।

बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर काकौड़ी के वंश चौधरी ने एंटी करप्शन में शिकायत करते हुए बताया था उनके पिता चार भाई थे। जिनमें से एक भाई की मृत्यु हो चुकी है और वह अवविवाहित थे। उनके हिस्से की जमीन अन्य तीनों भाईयों के नाम होनी थी। जिसमे उसने 15000 की रिसवत की माग की थी।

यह रहा पूरा मामला

टीम ने जिलाधिकारी प्रेरणा शर्मा से इंस संबंध में जानकारी देते हुए दो सरकारी गवाह ली है।मिली जानकारी के अनुसार  वंश चौधरी ने रुपये देने के लिए लेखपाल से जिला मुख्यालय में मिलने का समय लिया। शनिवार सुबह एंटी करप्शन की टीम निरीक्षक मयंक कुमार अरोड़ा के नेतृत्व में निरीक्षक दुर्गेश कुमार सिंह, किशन अवतार, कैलाश चंद, अर्चना आदि जिला पर पहुंचे। जैसी ही लेखपाल के हाथ में वंश ने रिश्वत के पैसे दिए वैसे ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। एंटी करप्शन की टीम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर जिला मुख्यालय में तैनात अन्य कर्मचारियों में सन्नाटा छा गया।

ऑडिटर ने की 10,000 रिसवत की माग

सीबीआई की ओर से गाजियाबाद में दर्ज कराई एफआईआर के अनुसार मेरठ के अभिनव इंजीनियर्स कंपनी के पार्टनर लखिंदर पाल सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद शिकायत में आरोप लगाया सीडीए के जेम पोर्टल सेल के ऑडिटर अखिलेश यादव ने चार लाख के बिल के भुगतान को मंजूरी देने को ₹10 हजार रुपये रिश्वत की माग करी जा रही थी।शिकायतकर्ता के अनुसार यह भुगतान उनकी कंपनी के लिए सरकारी आपूर्ति से संबंधित था, जिसे बिना रिश्वत दिए जारी नहीं किया जा रहा था।

शिकायत के बाद सीबीआई ने प्रारंभिक जांच की, जिसमें आरोपों को गंभीर पाया गया। 26 मार्च को एफआईआर दर्ज की गई। मामला दर्ज करने के बाद सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच टीम गाजियाबाद को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।ऑडिटर के खिलाफ अवैध तरीके से रिसवत मागने के जुर्म में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत गंभीर अपराध है।

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